Facility

व्यक्तित्व विकास का प्रमुख साधन अनुशासन हैं | छात्र जीवन में रहकर महाविद्यालय एवं शैक्षिक वातावरण के सृजन में योग देता हैं | अनुशासन सकारात्मक एवं सृजनात्मक होना चाहिए , नकारात्मक एवं विध्वंसात्मक नहीं | महाविद्यालय अनुशासन के बाह्य स्वरूप को अपनाता हैं तथा इसके आतंरिक परिणति में विश्वास रखता हैं इसी सन्दर्भ में कुछ अनुशासन सम्बन्धी नियम निर्धारित किये गए हैं |

महाविद्यालय में छात्र एवं छात्राओं का प्रवेश अंतिम हैं | यदि इसके द्वारा कोई अनियमितता बरती जाती हैं तो प्रवेश समिति, प्रार्चाय, मुख्य अनुशासनाधिकारी द्वारा प्रवेश निरस्त किया जा सकता हैं |

महाविद्यालय बिना किसी कारन भी छात्र का नामांकन विशेष परिस्थिति में निरस्त कर सकता हैं | इसके विरुध कोई भी शिकायत अस्वीकार होगी |

महाविद्यालय प्रत्येक छात्र अनुशासनात्मक व्यवस्था में महाविद्यालय का प्रशासन का पूर्ण सहयोग करेगा तस्थ संस्था के अन्दर एवं बाहर उसके द्वारा ऐसा कृत्य नहीं किया जायेगा जिससे महाविद्यालय का नाम कलंकित हो |

विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिसर में परिचय-पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा |

छात्र-छात्राओ को महाविद्यालय परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना होगा |

परिचय-पत्र रदद होने पर या खो जाने पर शुल्क जमकर परिचय-पत्र की द्वितीय प्रति प्राप्त की जा सकती हैं |

विद्यार्थियों का चरित्र प्रमाण-पत्र अनुशासनहीनता की जाति है तो मुख्य अनुशासन अधिकारी एवं अनुशासन समिति द्वारा उचित दण्ड प्रक्रिया अपनायी जायेगी |

महाविद्यालय द्वारा निर्धारित नियम एवं शुल्क प्रकिया सम्पूर्ण विद्यार्थियों पर एक साथ प्रभावी होगी |

पुस्तकालय सुविधा हेतु प्रत्येक विद्यार्थी को पुस्तकालय कार्ड लेना अनिवार्य होगा |

>
--> --> -->